+91 96955 55777 [email protected]

रवींद्रनाथ टैगोर का जीवन परिचय: शिक्षा, साहित्यिक संवेदनशीलता, प्रमुख रचनाएं

by | Jan 12, 2021 | 0 comments

Sarkari Resulta Blog Post, Sarkari Result Blog Post, Sarkari Yojana Blog Post Technology Blog Post Education Blog Post Tutorials Blog Post Read Blogs, Blog Login, Popular Blogs, Blog Examples, Blog Sites, How To Write A Blog, Wordpress Website, Blog Post Meaning, Blog Post For Students, Blog Post Ideas, Best Blog Posts,

रवींद्रनाथ टैगोर का जीवन परिचय

नाथ टैगोर जी का जन्म 7 मई अट्ठारह सौ इकसठ को कोलकाता के प्रचलित जोर संघ को भवन में हुआ था इनके पिता का नाम देवेंद्र नाथ टैगोर ब्रह्म समाज के अध्यक्ष थे रविंद्र नाथ टैगोर उनके सबसे छोटे बेटे थे उनका परिवार कोलकाता की प्रसिद्ध व संपन्न परिवार में एक था 👉 व्यावसायिक शिक्षा क्या है जाने 

हमारे देश का राष्ट्रगान इन्हीं की देन है रविंद्र नाथ टैगोर अपने बचपन काल से ही कविताएं और कहानियां लिखने में बहुत ही माहिर थे और इन्हें प्रकृति से अथाह प्रेम था

रविंद्र नाथ टैगोर जी एक बांग्लादेशी कवि कहानीकार गीतकार संगीतकार नाटककार निबंधकार और चित्रकार थे भारत के संस्कृति का सर्वश्रेष्ठ रूप से पश्चिम देशों का पहचान और पश्चिम देशों की संस्कृति से भारत का पहचान कराने में टैगोर जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही तथा उन्हें आधुनिक भारत का असाधारण सृजनशील और संवेदनशील कलाकार माना जाता है

रविंद्र नाथ टैगोर की शिक्षा

टैगोर जी की प्रथम शिक्षा सेंट जेवियर स्कूल में कराई गई और उनके पिता देवेंद्र नाथ ठाकुर एक माने जाने समाज सुधारक थे उनकी इच्छा थी की रविंद्र नाथ बड़े होकर वकील बने जिसके कारण उन्होंने रविंद्र नाथ को कानून की पढ़ाई के लिए अट्ठारह सौ 78 में विदेश भेज दिया परंतु रविंद्र नाथ का मन साहित्य में लगा हुआ था इसलिए उनका महा मन बिल्कुल नहीं लगता था उन्होंने कुछ समय तक विदेश के विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई की उसके बाद 18 सो 80 में बिना डिग्री लिए वापस लौट आए 👉 बजट क्या होता है देखने के लिये क्लिक करे 

रविंद्र नाथ टैगोर का साहित्यिक संवेदनशीलता

टैगोर जी ने साहित्य की विभिन्न विधाओं में सृजन किया था

  • गुरुदेव टैगोर जी की सबसे लोकप्रिय रचना गीतांजलि रही जिसके लिए उन्हें 1913 में नोबेल पुरस्कार भी मिला था

  • वे दुनिया की एकमात्र ऐसे साहित्यकार थे जिन की दो रचनाएं 2 देशों का राष्ट्रगान बन गई भारत का राष्ट्रगानजन, गण, मन और बांग्लादेश का राष्ट्रीय गान आमार सोनार बांग्लारविंद्र नाथ टैगोर की ही लिखी हुई रचनाएं थीं

  • गीतांजलि सभी लोगों को इतनी पसंद आई की अंग्रेजी जर्मन फ्रेंच जापानी और रुचि आज विश्व की सभी प्रमुख भाषाओं में उसका अनुवाद किया जाने लगा जिसके कारण उनका नाम दुनिया के कोने कोने में पूरी तरह से फैल गया जिसके बाद वे विश्व मंच पर स्थापित हो गए

  • गुरुदेव टैगोर जी की कहानियों में काबुलीवाला मास्टर साहब और पोस्ट मास्टर आज भी लोगों की लोकप्रिय कहानियां है

  • रविंद्र नाथ की रचनाओं में स्वतंत्रता और आंदोलन और उस समय के समाज की झलक पूर्ण रूप से देखी जा सकती है

टैगोर जी का सामाजिक जीवन

16 अक्टूबर 1950 को रविंद्र नाथ के नेतृत्व में रक्षाबंधन का उत्सव कोलकाता में मनाया गया रक्षाबंधन उत्सव से बंग भंग आंदोलन का आरंभ हुआ यह आंदोलन ने स्वदेशी आंदोलन का शुरुआत किया

गुरुदेव ने संसार के सबसे बड़े नरसंहार ओं में से एक जलियांवाला बाग कांड 1919 की घनघोर निंदा की और इसके उपरांत विरोध में उन्होंने अंग्रेजी सरकार द्वारा प्रदान की गई नाइटहुड की उपाधि को भी लौटा दिया नाइट हुडमिलने पर उनके नाम के आगे सर लगाया जाता था

रविंद्र नाथ टैगोर की प्रमुख रचनाएं:

तोता की कहानी, स्वामी का पता, भिखारिन, काबुलीवाला, अनाधिकार प्रवेश, अनमोल वचन, गीतांजलि, चल तू अकेला इत्यादि टैगोर जी की महत्वपूर्ण रचनाएं हैं

मृत्यु: रविंद्र नाथ टैगोर की मृत्यु 7 अगस्त 1941 को कोलकाता में हो गई  👉इसे भी देखे शिक्षा क्या है 

Author  <a href="https://sarkariresulta.com/author/adminsarkariresulta-com/" target="_self">Sarkari Resulta Editorial Staff</a> ⪼ ✅

Author Sarkari Resulta Editorial Staff ⪼ ✅

SarkariResulta has a team of experts on job alerts, tutorials, and education under the stewardship of Sanjeev Kumar, which lives up to the trust of more than 1 million readers around the world.

0 Comments

Submit a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

fourteen + nine =

Over 100000+ Readers

Get fresh content from SarkariResulta