भारत का प्रधानमंत्री का कार्यालय

by | Jan 10, 2021 | 0 comments

भारत का प्रधानमंत्री का कार्यालय

प्रधानमंत्री कार्यालय की महत्व और इसकी जिम्मेदारियों की वजह से चर्चित है। इसलिए किसी भी कार्य के लिए उसे प्रधानमंत्री के कार्यालय से सहायता प्रदान की जाती है। सचिवीय सहायता प्रदान करने के अनुच्छेद 77 भाग (तीन)के प्रावधान के अनुसार एक निर्मित प्रशासनिक एजेंसी के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। इसकी शुरूआत 1947 में प्रधानमंत्री पद के सचिव के रूप में किया गया था जिसके बाद 1977 में दुबारा इसका नाम प्रधानमंत्री कार्यालय रखा गया। व्य़ापार आवंटन नियम 1961 के अनुसार इसे विभाग का दर्जा दिया गया । यह स्टाफ एजेंसी मुख्यत: भारत सरकार के उपरी स्तर पर निर्णय लेने में सहायक होती है। भारतीय संविधान की महत्वपूर्ण जानकारी संरचना

  • राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से प्रधानमंत्री ही इसका अध्यक्ष होता है

  • नियमो के अनुसार ही प्रधान सचिव इसका अध्यक्षता होता है

  • ज्यादा से ज्यादा एक से दो सचिव होते हैं

  • इसके अनुरूप 5 संयुक्त सचिव होते हैं

  • एक से ज्यादा निर्देशक, उप सचिव और सचिवों के नीचे काम करने वाले अधिकारी होते हैं।

(कार्मिक जो आम तौर पर सिविल सेवाओं में होते हैं उन्हें अनिश्चत काल के नियुक्त किया जाता है)

भूमिकाएं और कार्य

व्यापार नियम के अनुसार आवंटन 1961 में PSO के 5 बुनियादी कार्य हैं

  • प्रधानमंत्री को सचिव व्दारा सहायता प्रदान करने का काम और एक थिंक टैंक के रूप में कार्य करना।

  • वे सभी मामले जिन पर प्रधानमंत्री विशेष रूप से रूचि रखते हैं, केंद्रीय मंत्रियों और राज्य सरकारों के साथ मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में प्रधानमंत्री को समग्र जिम्मेदारियों के निष्पादन में मदद करते है ।

  • योजना आयोग के अध्यक्ष के रूप में प्रधानमंत्री को उसकी जिम्मेदारी के निर्वहन में मदद करना।

  • प्रधानमंत्री जनता से संबंधित जो मंचों और व्यक्ति समाज से संबंधित होते हैं,उनकी मदद करना। इससे यह दोषपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ जनता से प्राप्त शिकायतों के लिए यह जनता से संपर्क द्वारा कार्यालय के रूप में कार्य करता है।

  • वर्णित नियमों के तहत आदेश हेतु प्रस्तुत मामलों के परीक्षण में प्रधानमंत्री को सहायता प्रदान करना जिससे प्रशासनिक संदेह से संबंधित मामलों पर सदन निर्णय ले सकता है।

  • विभिन्न प्रधान मंत्रियों की विकासवादी प्रवृत्ति

  • भारत में कानून और प्रशासन के केंद्रीकरण की धुरी पीएमओ PMO के अन्तर्गत होती है जो प्रधानमंत्री से प्रभावित रहती है और वह अपने सचिव की स्थिति को प्रभावित करता है या करती है।

Author  <a href="https://sarkariresulta.com/author/adminsarkariresulta-com/" target="_self">Sarkari Resulta Editorial Staff</a> ⪼ ✅

Author Sarkari Resulta Editorial Staff ⪼ ✅

SarkariResulta has a team of experts on job alerts, tutorials, and education under the stewardship of Sanjeev Kumar, which lives up to the trust of more than 1 million readers around the world.

0 Comments

Submit a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *



Over 100000+ Readers

Get fresh content from SarkariResulta